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सरना धर्म कोड की मान्यता दे सरकार- सुखदेव 

फोटो-  शामिल सेगेल कार्यकर्ता

ब्यूरो चीफ झाफ्रं बोकारो

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आदिवासी सेगेल अभियान सरना धर्म कालम कोड की  मान्यता हेतु , 2021 की जनगणना में शामिल करने के लिए पूर्व सांसद व राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू के आह्वान पर पांच राज्यों (झारखंड, बिहार, बंगाल, ओडिशा और असम) में रेल/रोड चक्का जाम किया। इस तहत रविवार को बोकारो जिला के तुपकाडीह रेलवे स्टेशन को रेल चक्का जाम का नेतृत्व ASA,  जिला मुख्य संयोजक सुखदेव मुर्मू ने किया। सुखदेव ने कहा  कि  भारत के लगभग 15 करोड आदिवासियों को अनुच्छेद 342 के तहत आदिवासी (एसटी) का दर्जा प्राप्त है। मगर उनको अनुच्छेद 25 (मौलिक अधिकार) के तहत अब तक उनकी विशिष्ट प्रकृति पूजक धर्म – सरना धर्म की मान्यता प्रदान नहीं करना उनके संवैधानिक और मानवीय अधिकारों का हनन है। सरना धर्म की मान्यता आदिवासी अस्तित्व, पहचान और हिस्सेदारी के लिए  अनिवार्य है।अत: आग्रह किया जाता है कि वे भारत के आदिवासियों को उनकी धार्मिक मान्यता देकर 2021 की जनगणना में शामिल होने का मौका प्रदान करें। फिलहाल हमें जातीय पहचान – आदिवासी (अनुच्छेद 342)  मिल चुकी है। अत: केवल धार्मिक पहचान – सरना (अनुच्छेद 25) की मांग करना जायज और बिल्कुल युक्तिसंगत है। यह बंदी केवल साकेतिक है ।ताकि देश के विभिन्न राजनीतिक ,सामाजिक ,बौद्धिक संगठन वर्ग केअगुवा साथी  का समर्थन मिले । और आदिवासीयो के सरना कोड मान्यता दिलाने में सहयोग करें। तथा भारत सरकार भी इस पर सकारात्मक पहल करें ।मौके पर जदयू के प्रदेश महासचिव विदेशी महतो, केन्द्रिय संयोजक हराधन मरांडी,बोकारो जिला संयोजक सुगदा किस्कू, भीम मुर्मू, फुलचंद किस्कू, जगदेव हेम्बरम,राखो किस्कू, दिलीप मरांडी, सावित्री मुर्मू, शिवानी सोरेन,रुबीता हेम्बरम, अनिता किस्कू, सरस्वती हांसदा, सोनामुनी हांसदा,सदरे मुर्मू, जबा मुर्मू, ललिता मरांडी, उपेन्द्र हेम्बरम, संजुल मुर्मू, महेश सोरेन, जागेश्वर हेम्बरम, काजल हेम्बरम, जयराम जयराम सोरेन, अमर सोरेन, नागेश्वर मुर्मू, बोधन सोरेन, संजय किस्कू, सुशील सोरेन, दिनेश किस्कू, फुलेशवर मुर्मू, लालचंद मुर्मू आदि सैकड़ों लोग शामिल थे!

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