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माओवादी के गढ़ में घुसे एसपी, 15 लाख के इनामी बुद्धेश्वर की तलाश
बसंत कुमार गुप्ता गुमला.

गुमला के पुलिस अधीक्षक एचपी जनार्दन ने मंगलवार को भाकपा माओवादियों के खिलाफ छापामारी अभियान चलाये. साथ में सीआरपीएफ के अधिकारी एओ किंडो, चैनपुर एसडीपीओ कुलदीप कुमार व पुलिस बल के जवान थे. एसपी ने नक्सलियों के गढ़ रायडीह थाना क्षेत्र के पकोडीह, बोकटा, बांसडीह, परसा, पोगरा, रघुनाथपुर, ऊंचडीह गांव के के पहाड़ व जंगल में नक्सलियों की तलाश किये. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इन इलाकों में भाकपा माओवादी के सबजोनल कमांडर 15 लाख रुपये के इनामी बुद्धेश्वर उरांव, पांच लाख का इनामी रंथु उरांव व दो लाख का इनामी लजीम अंसारी अपने दस्ते के साथ भ्रमणशील है. नक्सलियों के ठहरने की सूचना के बाद मंगलवार को एसपी इनामी नक्सलियों को खोजने के लिए उन्हीं के गढ़ में घुसे. सुबह सात बजे से लेकर दोपहर तक पुलिस ने पूरे इलाके में छापामारी अभियान चलाया. परंतु नक्सली नहीं मिले. छापामारी के दौरान एसपी व अन्य अधिकारी ऊंचडीह के पहाड़ पर चढ़े. जहां नक्सली नहीं मिले. परंतु गांव के कुछ लोग पहाड़ से गिर रहे पानी में नहाते हुए मिले. कुछ महिलाएं व युवतियां कपड़ा धो रही थी. पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ किया. साथ ही नक्सलियों के आवागमन की जानकारी ली. करीब एक घंटे तक पुलिस ने ऊंचडीह पहाड़ के कोना-कोना की तलाशी ली. पुलिस को अंदेशा था कि पहाड़ के किसी खोह या गुफा में नक्सली छिपे हो सकते हैं. इसलिए पुलिस ने हर जगह की तलाशी ली. हालांकि नक्सली नहीं मिले. परंतु इस क्षेत्र में नक्सलियों के आवाजाही की पुख्ता जानकारी कुछ लोगों द्वारा पुलिस को दी गयी.

छापामारी करते गुमला एसपी

गुमला एसपी ने 15 लाख के इनामी बुद्धेश्वर उरांव को अपने दस्ते के साथ सरेंडर करने की अपील किया है. एसपी ने कहा है कि कब तक जंगल व पहाड़ में परिवार व समाज से दूर रहकर छिपते फिरेगा. अभी भी समय है. मुख्यधारा से जुड़ जाये. हथियार से कभी विकास नहीं हो सकता. न ही अपनी सुरक्षा कर सकते हैं. इसलिए नक्सलियों से अपील है. वे परिवार व समाज के बीच आये. अपने बाल बच्चों के साथ खुशहाल रहना है तो हथियार डालना ही पड़ेगा. सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुलिस हर संभव मदद करेगी. सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ नक्सलियों को दिया जायेगा.

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