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उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)- भाग 02 अंतर्गत एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला सह समीक्षात्मक बैठक संपन्न

बसंत गुप्ता,ब्यूरोचीफ(झाफ्रं)

उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आज स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)- भाग-02 अंतर्गत एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला सह समीक्षात्मक बैठक का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया।

बैठक में एनओएलबी की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल द्वारा बताया गया कि जिले में एनओएलबी निर्माण का लक्ष्य 27 हजार 769 निर्धारित है। जिसके विरूद्ध लगभग 08 हजार राशि हस्तांतरित कर दी गई है। परन्तु वर्तमान में 07 हजार 292 उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं। इसपर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले सप्ताह के अंदर उपयोगिता प्रमाण पत्र संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अविलंब भेजने का निर्देश सभी मुखिया को दिया। उन्होंने लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों के विषय को गंभीरता से लेने तथा समय पर लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों को नहीं भेजने पर राशि वापस करने का निर्देश दिया।

कार्यशाला
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)- भाग 02 अंतर्गत एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला में राँची से आए राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर (यूनिसेफ) महेश अग्रवाल द्वारा पावरप्वाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण की प्रक्रिया तथा ठोस एवं तरल कचरे के प्रबंधन पर विशेष जानकारी दी गई। कार्यशाला में सामुदायिक स्वच्छता परिसर (सीएससी) के निर्माण की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)- भाग 02 के अंतर्गत ग्राम स्तर पर वैसे परिवार जो भूमिहीन हैं अथवा बाजार-हाट, चौक-चौराहे, अस्थायी आबादी वाले क्षेत्र इत्यादि को मुख्य रूप से चिन्हित करते हुए उनके बीच सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित है। इस संबंध में उन्होंने बताया कि गुमला जिले में बाजार-हाट, चौक-चौराहे, अस्थायी आबादी वाले क्षेत्रों के अलावे इंट-भट्ठों में कार्य करने वाले मजदूरों की सुविधा को ध्यान में रखकर ईंट-भट्ठों में भी सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण का सुझाव दिया।

कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएससी निर्माण हेतु मॉडल प्राक्कलन के आधार पर सीएससी की विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीएससी के बाह्य जलापूर्ति कार्य छोड़कर प्राक्कलित राशि 02 लाख 99 हजार 991 रूपये हैं। उन्होंने आगे बताया कि इसमें 132 मानवदिवस लगेंगे, जिसमें 194 रूपये प्रति मानवदिवस की दर 25 हजार 608 रूपये मनरेगा से वहन किया जाएगा तथा शेष 02 लाख 74 हजार 383 रूपये का 30 प्रतिशत 15 वें वित्त आयोग एवं 70 प्रतिशत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की राशि से 60:40 केंद्रांश: राज्यांश के अनुपात में वहन किया जाएगा।

कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर ने सीएससी हेतु वैसे स्थलों को प्राथमिकता देने की जानकारी दी जहाँ पूर्व से पाईप जलापूर्ति योजना निर्मित हो या प्रस्तावित हो। वहीं उन्होंने ऐसे स्थल उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में जलापूर्ति की व्यवस्था डीएमएफटी, 15वें वित्त आयोग से किए जाने की जानकारी दी। इसके अलावा कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर द्वारा ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की भी जानकारी दी गई।

उपस्थिति 
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)- भाग-02 अंतर्गत जिलास्तरीय कार्यशाला सह समीक्षात्मक बैठक में उपायुक्त सहित उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ, जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुषमा नीलम सोरेंग, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल मंतोष कुमार मणि, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रखंड समन्वयक, मुखिया व अन्य उपस्थित थे।

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